अकेला

उल्हासनगर के एक चर्चित व्यक्तित्व लखी उर्फ़ कारी माखीजा ने ठाणे हफ्ता निरोधक ब्यूरो के वरिष्ठ निरीक्षक राजकुमार कोथमिरे के खिलाफ शिकायत की है। माखीजा का आरोप है कि कोथमिरे ने गैंगस्टर नरेश पहलाजानी उर्फ़ चड्ढी की हत्या का सबूत उनसे जब्त कर हत्या के आरोपी गोदू कृष्णानी को बेच दिया।

कारी माखीजा ने पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त, गृहमंत्री और सीबीआई को लिखित शिकायत कर राजकुमार कोथमिरे पर कार्रवाई की मांग की है।

उल्हासनगर के सिविल कॉन्ट्रैक्टर राजेश इदनानी उर्फ़ राजू शेरा की शिकायत पर राजकुमार कोथमिरे ने कारी माखीजा को 8 फरवरी 2020 को 30,000 रुपये हफ्ता मांगने के एक मामले में गिरफ्तार किया था। इसी गिरफ्तारी के दौरान कोथमिरे ने माखीजा का एक बैग जब्त किया था। इस बैग में 19 चिप थीं। एक चिप में ऐसी भी रिकॉर्डिंग थी जिसमें राजू शेरा स्वीकार करता है कि वह अपने गलत धंधों के लिए पुलिस, महापालिका अधिकारी और कोर्ट स्टाफ को रिश्वत देता है। एक चिप में कोणार्क कंपनी के भ्रष्टाचार के सबूत थे। ऐसे ही एक चिप में नरेश चड्ढी की हत्या के सबूत थे। हत्या के आरोपी रवि वलेचा ने यह क़ुबूल किया था कि चड्ढी की हत्या उसने गोदू और प्रवीण कृष्णानी के कहने पर की थी। राजकुमार कोथमिरे ने गोदू कृष्णानी को अपनी ऑफिस में बुलाया और वो चिप उन्हें दे दी। कारी माखीजा का आरोप है कि कोथमिरे ने इसके लिए बड़ी लेनदेन की है। आश्चर्य की बात है कि कोथमिरे यह स्वीकार करते हैं कि उन्होंने चिप जब्त की है लेकिन उसे कहीं भी रिकॉर्ड पर नहीं दिखाया है। पंचनामा में भी चिप जब्त करने का ज़िक्र नहीं है। कारी माखीजा का यह भी आरोप है कि राजकुमार कोथमिरे उनसे आठ लाख रुपये ले चुके हैं।

नरेश चड्ढी (52) कभी गैंगस्टर पप्पू कालानी के लिए काम करता था। उसके खिलाफ हत्या और बम ब्लास्ट जैसे 10 एफआईआर दर्ज थे। उस पर टाडा भी लगा था। 24 जुलाई 2012 को उसने उल्हासनगर-1 पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण कर दिया था। 3 फरवरी 2016 को चड्ढी साईं पैराडाइज़ बिल्डिंग, खडकपाड़ा, कल्याण (पश्चिम) के अपने घर में मृत पाया गया था। चड्ढी के परिवार की शिकायत के बावजूद खडकपाड़ा पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया था। कुछ महीने बाद पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट में पाया गया कि चड्ढी की ज़हर देकर हत्या की गई है।

आ बैल मुझे मार : इस बीच गोदू कृष्णानी ने भवन निर्माता दिनेश जवाहरानी से 5 लाख रुपये हफ्ता मांगते हुए यह क़ुबूल किया कि उन्होंने ही नरेश चड्ढी को कुत्ते की मौत मरवाया था। दिनेश जवाहरानी की शिकायत पर उल्हासनगर की सेन्ट्रल पुलिस ने 16 जुलाई 2016 को गोदू कृष्णानी, प्रवीण कृष्णानी और भोजा शर्मा के खिलाफ हफ्ता उगाही का मामला दर्ज किया था। साथ ही कल्याण के खडकपाड़ा पुलिस स्टेशन में भी गोदू कृष्णानी, प्रवीण कृष्णानी और रवि वलेचा के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ था। कल्याण के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के. डी. जाधव ने हत्या के मामले में तीनों आरोपियों को अंतरिम राहत दी हुई है।

रवि वलेचा कारी माखीजा से बातचीत में स्वीकार करता है कि उसने गोदू कृष्णानी और प्रवीण कृष्णानी के कहने पर चड्ढी की हत्या की है। वलेचा ने इस दावे को प्रू करके दिखाया। उसने बताया कि देखो अभी मैं प्रवीण कृष्णानी से 50,000 रुपये मांगूंगा तो वो बोलेगा मेरे होटल प्रवीण इंटरनेशनल से जाकर ले लो। हुआ वही। वलेचा ने प्रवीण कृष्णानी को फोन कर 50,000 रुपये मांगे तो प्रवीण ने बोला प्रवीण इंटरनेशनल होटल से जाकर ले लो। वलेचा गया और 50,000 रुपये होटल से ले लिए। कारी माखीजा ने वलेचा के इस कृत्य की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली। बाद में राजकुमार कोथमिरे ने यही रिकॉर्डिंग गोदू कृष्णानी को बेच दी।

इस मामले में जब इस संवाददाता ने जानेमाने वकील दीपक मिश्रा से बात की तो उन्होंने कहा कि पुलिस ने शुरुआत से ही गोदू कृष्णानी का फेवर किया है। इतने सारे सबूत होने के बावजूद पुलिस ने मामले में धारा 120 (बी) नहीं लगाया। मामला इतना संगीन है कि आरोपियों पर मकोका के तहत भी कार्रवाई करनी चाहिए।

गोदू कृष्णानी कांग्रेस के पूर्व नगरसेवक और बड़े व्यवसायी हैं। प्रवीण उनका बेटा है।

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