इट हैपेन्स ओनली इन उल्हासनगर : युवती ने अर्जी दी कि मुझे ससुर के घर पर कब्ज़ा करना है, सेंट्रल पुलिस स्टेशन से दो हवलदार गए और ताला तोड़कर महिला को कब्जा दिलवा दिया

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रंजीत महांती

दिव्या माने नामक एक युवती ने उल्हासनगर के सेंट्रल पुलिस स्टेशन में अर्जी दी कि मुझे अपने ससुर अशोक सरोज के बंद घर पर ताला तोड़कर कब्जा करना है। सेन्ट्रल पुलिस स्टेशन ने उसे सिर्फ परमिशन ही नहीं दी बल्कि दो कांस्टेबल्स भी साथ में दे दिए। कांस्टेबल्स ने ताला तोड़कर दिव्या को घर पर कब्जा दिलवा दिया। इसे कहते हैं इट हैपेन्स ओनली इन उल्हासनगर।

दिव्या माने (23) गणेश चॉल, वांगणी (पश्चिम) में रहती है। अशोक सरोज सातारा कालोनी, शांतिनगर, उल्हासनगर-3 में रहते हैं। दिव्या ने अशोक के बेटे विपिन से प्रेम विवाह किया है। अशोक के ससुर का निधन हो गया तो वे पत्नी सहित 4 अप्रैल 2021 को अपने मूल गांव प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश चले गए। इस बीच दिव्या ने सेंट्रल पुलिस स्टेशन में अर्जी दी कि वह अशोक की बहू है। उसे उनके रूम पर ताला तोड़कर कब्जा करना है। सेंट्रल पुलिस स्टेशन, जिसके सीनियर इंस्पेक्टर सुधाकर सुराडकर हैं, ने दिव्या की अर्जी पर ठप्पा मारकर तो दे दिया। साथ ही दो कांस्टेबल्स भी भेज दिए। कांस्टेबल्स ने ताला तोड़कर दिव्या को घर के अंदर कब्जा दिलवा दिया। बताते हैं कि कुछ पड़ोसियों ने पुलिस की इस हरकत का विरोध किया तो कांस्टेबल्स ने उन्हें धमकी दी कि वे सबको अंदर कर देंगे। उन पर पुलिस के काम में हस्तक्षेप करने का चार्ज लगा देंगे। सेंट्रल पुलिस स्टेशन का ‘परमिशन लेटर’ जन स्वाभिमान के पास मौजूद है।

7 मई 2021 को अशोक गांव से आये तो दिव्या ने उन्हें घर में एंट्री नहीं दी। उसने लेटर दिखा दिया कि सेंट्रल पुलिस स्टेशन ने उसे घर पर कब्ज़ा करने की परमिशन दी है। तब से अशोक पत्नी सहित किसी पड़ोसी के घर में रह रहे हैं। अशोक न्याय मांगने सेंट्रल पुलिस स्टेशन और कुलगांव- बदलापुर पुलिस स्टेशन जाते हैं तो पुलिस उन्हें दूर से देखते ही गाली-गलौज कर भगा देती है।

उससे महत्वपूर्ण दिव्या का पति विपिन (20) भी कुछ दिनों से गायब है। दिव्या के पास इसका कोई माकूल जवाब नहीं है कि विपिन कहाँ है।

अशोक सरोज ने अपने वकील दीपक मिश्रा के जरिये 11 मई 2021 को पुलिस के आला अधिकारियों को दिव्या की शिकायत की है। अशोक का कहना है कि वे जल्द एससी सुराडकर के निलंबन की मांग को लेकर पुलिस महानिदेशक संजय पाण्डेय से मिलेंगे और सेन्ट्रल पुलिस स्टेशन के सामने धरना देंगे।

दिव्या माने कल्याण में किसी वकील के यहां टाइपिस्ट का काम करती है। उसका बाप सुदर्शन माने कडोंमपा में कर्मचारी है। दिव्या ने पहले आमिर रमजान खान (25) से शादी की थी। आमिर वांगणी (पूर्व) में रहता है और दिहाड़ी मजदूरी करता है। आमिर से दिव्या के दो बच्चे हैं। फेसबुक पर प्यार हो जाने से दिव्या ने 22 दिसम्बर 2018 को विपिन से रजिस्टर्ड शादी कर ली।

सेंट्रल पुलिस स्टेशन और कुलगांव-बदलापुर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों पर दिव्या ने पता नहीं क्या जादू कर दिया है कि सब उसके मुरीद हो गए हैं, जबकि दिव्या की सारी कहानी में झोल ही झोल है। 1- दिव्या ने विपिन के साथ रजिस्टर्ड मैरेज का जो सर्टिफिकेट दिया है उसके अनुसार विपिन तब 17 साल का था। फिर नाबालिग की शादी रजिस्टर्ड कैसे हुई ? 2- दिव्या ने विपिन से 22 दिसम्बर 2018 को रजिस्टर्ड शादी की और पहले पति आमिर से तलाक लगभग 2 साल बाद 19 सितम्बर 2020 को ली। 3- तलाक उसने 100 रुपये के स्टैम्प पेपर पर लिखकर लिया है। 4-आरटीआई में अशोक को जवाब मिला कि दिव्या और विपिन की शादी की जानकारी विभाग को नहीं है। ये सब डॉक्युमेंट्स न तो सेंट्रल पुलिस और ना कुलगांव-बदलापुर पुलिस को दिखते हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात, जब से दिव्या ने अशोक के रूम पर कब्ज़ा किया है तब से विपिन लापता है। अशोक को शक है कि विपिन की हत्या हो गयी है। लेकिन उल्हासनगर की सेन्ट्रल तथा कुलगांव-बदलापुर पुलिस अशोक को ही धमकी देती है कि विपिन को कहीं से भी लेकर आओ नहीं तो तुम्हें ही अंदर कर देंगे। अशोक को न्याय दिलाने और दिव्या पर कार्रवाई की मांग को लेकर दीपक मिश्रा जल्द ही कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। दीपक मिश्रा चाहते हैं कि दिव्या के खिलाफ भादंसं की धारा 420, 452, 467 और 471 के तहत कार्रवाई हो।

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