अप्पा उर्फ़ जगन्नाथ शिंदे और सुप्रिया पाटिल

अकेला

‘गणपती बाप्पा मोरया, पुढच्यावर्षी लवकर या’ के जयघोष के साथ 9 सितम्बर 2022 को गणाधिदेव गणपति गणेश का महाराष्ट्रवासियों ने विसर्जन कर दिया। ‘राज्य सरकार और कानून जाएं तेल लेने’ के जयघोष के साथ अब 12 सितम्बर 2022 को ‘अप्पा’ महाराष्ट्र सरकार के कानून का विसर्जन करेगा। अप्पा अपनी कथित बहू को नौकरी में स्थायी करवा देगा। हालाँकि तीन लोगों ने अप्पा की इस कोशिश के खिलाफ शिकायतें की हैं।

अप्पा उर्फ़ जगन्नाथ शिंदे (Jagannath Shinde alias Appa) कल्याण (पूर्व) के कोलसेवाड़ी में रहता है। वह ऑल इंडिया ऑर्गनाईजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) और महाराष्ट्र स्टेट केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन (MSCDA) का अध्यक्ष है। वह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का कल्याण जिला अध्यक्ष है और कई दफा विधान परिषद् सदस्य (एमएलसी) रह चुका है। अप्पा शिंदे कितना ‘पॉवरफुल’ है, उसका कितना टेरर है, देश की किसी दवा कंपनी के मालिक, डिस्ट्रीब्यूटर, एमआर अथवा मेडिकल स्टोर मालिक से पूछ लीजिये।

अप्पा महाराष्ट्र राज्य औषधि व्यवसाय परिषद् (Maharashtra State Pharmacy Council) का एक्सक्यूटिव कमेटी मेंबर (Executive Committee Member) भी है। 5 मई 2003 को अप्पा ने सुप्रिया पाटिल (Supriya Patil) नामक महिला को परिषद् में कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर बतौर क्लर्क (Clerk) नियुक्त करवा दिया। अप्पा सुप्रिया पाटिल को अपने चचेरे छोटे भाई की बीवी बताता है। इस लिहाज से सुप्रिया पाटिल को वह अपनी बहू कहता है। सुप्रिया पाटिल की उम्र तब 35 वर्ष थी। विभाग में भर्ती होने के लिए उम्र 33 वर्ष होनी चाहिए। वे ओपन कैटेगरी की भी हैं। और तो और मात्र 12वीं पास थीं। कायदे से उनकी नियुक्ति होनी ही नहीं चाहिए थी। तब से सुप्रिया पाटिल को तीन-तीन, छः-छः महीने का ब्रेक देकर नई नियुक्ति दिखाई जाती रही है। हालाँकि इस दौरान तकरीबन 22 लोग कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर नियुक्त किये गए लेकिन उनको एक्सटेंशन नहीं मिला। पांच क्लर्क आठ साल से अभी भी कॉन्ट्रैक्ट पर ही हैं।

वर्ष 2015 में सुप्रिया पाटिल और अप्पा वाली परिषद् ने विभाग में आवेदन दिया कि सुप्रिया पाटिल को स्थायी (परमानेंट) कर दिया जाए। मज़ेदार है कि सुप्रिया ने यह भी मांग कर डाली कि उनकी उम्र को दस्तावेज़ में कम कर दिया जाए। सुप्रिया पाटिल की उम्र अब 54 साल है। और उन्हें आज के वेतनमान के हिसाब से उनकी नियुक्ति के समय (5 मई 2003) से एरियर भी दिया जाये। महाराष्ट्र राज्य औषधि व्यवसाय परिषद् (एमएसपीसी) की रजिस्ट्रार सायली मसाल (Sayali Masal, Registrar of MSPC) ने सुप्रिया पाटिल के इस आवेदन को असंभव करार देकर निरस्त कर दिया। मसाल ने इस प्रस्ताव को राज्य सरकार के पास भेजने की सलाह दी। फिर सायली मसाल पर अप्पा ने गाली-गलौज, धमकियों की बौछार कर दी। अप्पा ने फरमान सुना दिया कि सायली मसाल को ही कल से काम पर आने की जरूरत नहीं है।

सुप्रिया पाटिल और परिषद् ने इस प्रस्ताव को राज्य सरकार के पास भेजा। 4 मई 2021 को राज्य सरकार के विधि और न्याय विभाग ने भी द फार्मेसी एक्ट-1948 की धारा 26 (बी) का हवाला देते हुए उनके प्रस्ताव को निरस्त कर दिया।

मुंबई के समाजसेवक राजरतन सोनावणे (Rajratan Sonawane), नांदेड़ की राजेश्री कागदकर (Rajeshree Kagadkar) और एक अन्य महिला ने सुप्रिया पाटिल को परमानेंट किये जाने की कोशिश को गलत बताते हुए सायली मिसाल (रजिस्ट्रार), विजय पाटिल (अध्यक्ष-एमएसपीसी), विनय श्रॉफ (उपाध्यक्ष-एमएसपीसी), परिमल सिंह (आयुक्त- एफडीए) और विंकी राघवानी (सदस्य- एमएमसी) से शिकायतें की हैं। शिकायतों की प्रतियां एबीआई के पास मौजूद हैं। राजरतन सोनावणे का आरोप है कि अप्पा रिजर्वेशन पॉलिसी को ताक पर रखकर प्रस्ताव पास करवाना चाहता है।

अप्पा ने अब इसे ईगो बना लिया है। 12 सितम्बर 2022 को उसने परिषद् की जबरदस्ती मीटिंग बुलाई है। मीटिंग में सुप्रिया पाटिल को परमानेंट किये जाने का एजेंडा (क्रमांक- 4-ए) घुसा दिया है। उसने परिषद् के पदाधिकारियों को बोल दिया है कि सरकार और कानून जाए तेल लेने। उसकी बहूरानी (सुप्रिया पाटिल) को परमानेंट किये जाने का प्रस्ताव पास होना ही चाहिए। बताते हैं कि सायली मसाल ने अप्पा शिंदे की धमकियों से खुद को सरेंडर कर दिया है। वे भी सुप्रिया पाटिल एजेंडा ओके करने के मूड में हैं। राष्ट्र कल्याण पार्टी के महासचिव राहुल काटकर (Rahul Katkar) का कहना है कि यदि सुप्रिया पाटिल को अवैध तरीके से परमानेंट करने का प्रस्ताव पास हुआ तो वे सायली मसाल और परिषद् के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में रिट पिटीशन करेंगे और क्रिमिनल मिसकंडक्ट की इंक्वायरी की मांग करेंगे। राजेश्री कागदकर ने भी धमकी दी है कि यदि ऐसा हुआ तो वे अनुसूचित जाति व अनुसूचित जमाति आयोग और बॉम्बे उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाएंगी।

नोट: जगन्नाथ शिंदे उर्फ़ अप्पा शिव निकेतन ट्रस्ट (Shiv Niketan Trust)-भारतीय सैनिकी विद्यालय- का भी अध्यक्ष है। पहले यह ट्रस्ट शिवसेना नेता आनंद दिघे (Shiv Sena Leader Anand Dighe) का था। आनंद दिघे ने गरीब बच्चों के हितार्थ इस ट्रस्ट को बनाया था। उनकी मौत के बाद प्रकाश परांजपे (Prakash Paranjape) को बाईपास करके अप्पा शिंदे ने ट्रस्ट हथिया लिया। इस ट्रस्ट के पास टिटवाला के करीब खड़वली में 100 एकड़ (बाज़ार भाव 500 करोड़ रुपये) जमीन है। इस ट्रस्ट के जरिये अप्पा शिंदे की क्या-क्या अवैध गतिविधियां हैं, पर एबीआई जल्दी ही सीरीज़ शुरू करेगा।

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