अकेला

नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार के आरोप में फरार चल रहे दोनों आरोपी पुलिस स्टेशन में इंस्पेक्टर के साथ चाय पीते पाए गए। लड़की के पिता ने जब इसका विरोध किया तो एक आरोपी ने लड़की को फिर गन्दी गाली दे दी। इस पर लड़की के परिवार ने जब हो-हल्ला करना शुरू किया तो एक कांस्टेबल ने भी लड़की को मोलेस्ट कर दिया। घटना को मोबाइल में रिकॉर्ड कर रहे लड़की के भाई को कांस्टेबल ने पीट भी दिया।

रोशन माखीजा

आरोपियों की पहचान पंकज सुरेश त्रिलोकानी और रोशन महेश माखीजा के रूप में हुयी है। 16 साल की एक लड़की की शिकायत पर इनके खिलाफ 6 अगस्त 2021 को उल्हासनगर-1 पुलिस स्टेशन में भादंसं की धारा 376, 375 और बाल यौन अपराध संरक्षण कानून (पोक्सो) की धारा 3 (ब) और 8 के तहत एफआईआर (नंबर- 279/2021) दर्ज हुई है। इनकी इससे बड़ी पहचान ये है कि ये टीओके यानि टीम ओमी कालानी के नेता हैं। टीओके का नेता हो जाने का मतलब है क्राइम करने का लाइसेंस मिल जाना। पंकज त्रिलोकानी और रोशन माखीजा के खिलाफ एफआईआर दर्ज होते ही इनके आका ओमी कालानी ने भविष्यवाणी कर दी थी कि वे एफआईआर को सेक्शन 169 के तहत रद्द करवा देंगे। उल्हासनगर-1 पुलिस ओमी कालानी की भविष्यवाणी को ही ‘आदेश’ मानकर काम कर रही थी।

पंकज त्रिलोकानी

गुरुवार, 26 अगस्त 2021 की सुबह लगभग 11.50 बजे पीड़ित लड़की के पिता लड़की, पत्नी और बेटे के साथ उल्हासनगर-1 पुलिस स्टेशन यह पूछने गए कि पुलिस पंकज त्रिलोकानी और रोशन माखीजा को गिरफ्तार क्यों नहीं कर रही है। वे शहर में खुलेआम घूम रहे हैं। लड़की के पिता की नज़र पंकज त्रिलोकानी और रोशन मखीजा पर पड़ी। वे चौंक गए। उन्होंने देखा कि पंकज त्रिलोकानी और रोशन माखीजा पुलिस इंस्पेक्टर (क्राइम) एएस गोरे के साथ उनकी केबिन में बैठकर चाय पी रहे हैं। एएस गोरे ही बलात्कार मामले के जांच अधिकारी हैं। पंकज त्रिलोकानी की नज़र लड़की पर पड़ी तो उसने गोरे को बताया कि साहब यही है वह ‘छिनाल’। लड़की के पिता जब इसकी शिकायत करने सीनियर इंस्पेक्टर राजेंद्र कदम के पास गए तो उनके पास भी कोई उचित जवाब नहीं था। वे भी कानूनी जामा पहनाते हुए ‘फरार आरोपियों का पुलिस स्टेशन में होना’ को उचित ठहरा रहे थे।

पीड़ित लड़की और उसके पिता इसी मुद्दे पर जब राजेंद्र कदम से बहस कर रहे थे तो एक कांस्टेबल ने लड़की की छाती पर हाथ मारते हुए उसे पुलिस स्टेशन से बाहर भगाने की कोशिश की। उसी कांस्टेबल ने लड़की के भाई के पेट में घूँसा मारकर उसका मोबाइल फ़ोन छीन लिया। वह घटनाक्रम को रिकॉर्ड कर रहा था। यह कांस्टेबल एएस गोरे का राइटर बताया जाता है।

जैसे ओमी कालानी ने भविष्यवाणी की थी कि वह एफआईआर को 169 करवा देंगे उसी तरह एबीआई भी यह भविष्यवाणी कर रहा है कि यदि कोई 26 अगस्त 2021 का पुलिस स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज मांगेगा तो जवाब मिलेगा सीसीटीवी बंद था।

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