अबू शायमा अंसारी

अकेला

दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim Kaskar) के भाई इकबाल कासकर (Iqbal Kaskar) ने एक दफा एयर इंडिया (Air India) के कैप्टन (Captain) अबू शायमा अंसारी (Abu Ansari) को नंगा करके पीटा था। इकबाल कासकर इस बात से नाराज़ था कि अबू अंसारी ने भायखला के एक भवन निर्माण प्रोजेक्ट को लेकर उससे झूठ बोला था। (Remember a time when Dawood Ibrahim’s brother Iqbal Kaskar stripped and thrashed Air India’s Captain Abu Ansari).

अबू अंसारी (Abu Ansari) एयर इंडिया (Air India) का कैप्टन (Captain) है। उसकी नान इंटरप्राइजेस (Nan Enterprises) नाम से कंस्ट्रक्शन कंपनी है। इसमें उसकी बीवी रूबीना अंसारी (Rubina Ansari), भाई की बीवी अकीला रशीद अंसारी (Akila Ansari), भतीजा हुमेद रशीद अंसारी (Humaid Ansari) निदेशक हैं। आर्किटेक्ट (Architect) इक़बाल अबू बकर पारिख (Iqbal Abu Bakar Parikh) है। इस वक़्त अबू अंसारी भायखला के नारियलवाड़ी (Nariyalwadi) में आशियाना (Ashiyana) नाम से सिटी सर्वे क्रमांक 626, 627, 628 व 629 पर एसआरए (SRA) योजना के तहत इमारत का निर्माण कर रहा है। पुनर्वसन के लिए पहले वह 23 मंजिली (23 Stories) एक इमारत बना रहा है, जिसमें 242 फ्लैट्स (242 Flats) हैं। पुनर्वसन प्रोजेक्ट में जैसी चीटिंग प्रत्येक बिल्डर करता है अबू अंसारी (Abu Ansari) ने भी वैसा ही किया।

इसी भूखंड पर रहने वाले जमाल अहमद समी खान (Jamal Ahmed Sami Khan) ने आरटीआई (RTI) के तहत दस्तावेज़ मांगे तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। बृहन्मुम्बई महानगर पालिका (बीएमसी) का कॉलोनी विभाग का रिकॉर्ड बताता है कि भूखंड पर 112 टेनेंट्स थे। जबकि बीएमसी का ही इस्टेट विभाग बताता है कि भूखंड पर मात्र 12 टेनेंट्स थे। नियम के तहत 124 टेनेंट्स का पुनर्विकास होना चाहिए था। परन्तु फर्जीवाड़ा करके अबू अंसारी ने एसआरए (इंजीनियरिंग विभाग) से 242 टेनेंट्स के नाम प्लान पास करवा लिया। उसने सीरियल नंबर 113 से 242 तक कुल 130 नाम फर्जी शामिल कर दिया। इन 130 फर्जी टेनेंट्स का एनेक्शचर ही नहीं बना। इन 130 लोगों का कोई डाक्यूमेंट्स ही नहीं है।

उधर इस्टेट विभाग के अभिलेख वाले 12 टेनेंट्स को भी पुनर्विकास योजना में शामिल नहीं किया। इन 12 टेनेंट्स का भी एनेक्शचर नहीं बना। कारण, भूखंड बीएमसी के इस्टेट विभाग का है। यदि इन 12 लोगों का नाम योजना में शामिल करता तो फाइल बीएमसी के इस्टेट विभाग के सहायक आयुक्त के पास जाती और नियम के तहत उसे तकरीबन 14 करोड़ रुपये फीस  (प्रीमियम) भरनी पड़ती। यही 14 करोड़ रुपये बचाने के लिए अबू अंसारी ने इन 12 लोगों के नाम रिमूव कर दिए।

5500 वर्ग मीटर में विकसित हो रहे इस प्रोजेक्ट में आज के बाजार भाव के हिसाब से 800 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यही 800 करोड़ इन्वेस्टमेंट करवाने के लिए अबू अंसारी इक़बाल कासकर के पास गया। इक़बाल कासकर इन्वेस्टमेंट के लिए राज़ी हो गया लेकिन उसने शर्त रखी कि प्रोजेक्ट में कोई लोचा (कंट्रोवर्सी) नहीं चाहिए। कोई लिटिगेशन नहीं चाहिए। अबू अंसारी ने झूठ बोला कि प्रोजेक्ट पर किसी प्रकार का विवाद नहीं है। इकबाल कासकर को बाद में मालूम पड़ा कि प्रोजेक्ट के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में चार पिटीशन पेंडिंग हैं। इसी प्रोजेक्ट में फर्जीवाड़े को लेकर कोर्ट के आदेश पर नागपाड़ा पुलिस स्टेशन में अबू अंसारी सहित 49 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर (सीआर नंबर-70/ 2015) दर्ज है। बहुत सारे लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अबू अंसारी ने गिरफ़्तारी पूर्व जमानत ले रखी है। पूरा प्रोजेक्ट ही विवादित है। अबू अंसारी ने टेनेंट्स के साथ चीटिंग की है। इक़बाल कासकर को जब ये बात मालूम पड़ी तो उसने अबू अंसारी को बुलाया। विवाद के बारे में पूछने पर अबू अंसारी के पास कोई जवाब नहीं था। इक़बाल कासकर ने सारे कपड़े उतार कर अबू अंसारी को ऑफिस के कोने में खड़ा रहने का आदेश दिया। अबू अंसारी नंगा खड़ा रहा। इक़बाल कासकर बीच-बीच में उसकी पिटाई भी कर देता था। दिल्ली दरबार होटल के मालिक ने ‘मध्यस्थता’ कर अबू अंसारी को मुक्त कराया। बाद में अबू अंसारी ने इक़बाल कासकर का जितना भी इन्वेस्टमेंट था वापस किया।

अबू अंसारी सबको बताता है कि इस प्रोजेक्ट में इंस्पेक्टर प्रदीप शर्मा (Pradip Sharma) पार्टनर है। अब प्रदीप शर्मा जेल में है। इंस्पेक्टर असलम मोमिन ( Inspector Aslam Momin) प्रोजेक्ट को प्रोटेक्ट करता है। असलम मोमिन दाऊद इब्राहिम से सम्बन्ध रखने के आरोप में बर्खाश्त (Dismissed) चल रहा है। हालाँकि असलम मोमिन प्रोजेक्ट पर अक्सर आता रहता था लेकिन आजकल नहीं दिखता। बीएमसी में स्थायी समिति का अध्यक्ष यशवंत जाधव (Standing Committee Chairman Yashwant Jadhav) अभी भी बीएमसी अधिकारियों को ‘संभालता’ है।

अबू अंसारी पहले पायलट था। अब एयर इंडिया में कैप्टन बन गया है। उसकी गतिविधियां हमेशा ‘संदेहास्पद’ रही हैं। 1993 मुंबई बम ब्लास्ट (1993 Bombay Bomb Blast) के आरोपी समीर हिंगोरा (Samir Hingora) के साथ वह घोड़पदेव में ढाई एकड़ का प्लॉट डेवलप करने की कोशिश कर रहा है। किसी कारण से प्रोजेक्ट अभी शुरू नहीं हुआ है। पहले उसने गोदरेज़ कंपनी के साथ इस प्रोजेक्ट (Godrej Sky) को करने की कोशिश की थी। गोदरेज़ के अधिकारियों को जब मालूम पड़ा कि अबू अंसारी अंडरवर्ल्ड का आदमी है तो उन्होंने प्रोजेक्ट करने से इंकार कर दिया।

4 9 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
1 Comment
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
जमाल अहमद खान
जमाल अहमद खान
3 months ago

BMC ई विभाग भायखला,SRA बांद्रा,के अधिकारियों के साथ इस बिल्डर ने शासन को लगभग 500 करोड़ चूना लगाया है