सुरेंद्र कुमार मौर्या

राकेश पाणिग्राही 

मुंबई की धारावी पुलिस (Dharavi police) ने चिट फंड कंपनी महेश को-ऑप क्रेडिट सोसायटी (Mahesh Co-Op Credit Society) के खिलाफ चीटिंग (Cheating) की एफआईआर (FIR) दर्ज की है। सोसायटी ने सैकड़ों लोगों के साथ-साथ एक पत्रकार के साथ भी 29 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली।

पत्रकार धर्मेंद्र प्रताप सिंह (Dharmendra Pratap Singh) की शिकायत पर धारावी पुलिस ने 10 जनवरी 2022 को भादंसं की धारा 420, 406 और 34 के तहत महेंद्र कुमार मौर्या Mahendra Kumar Maurya), सुरेंद्र कुमार मौर्या ( Surendra Kumar Maurya), अमृतलाल रजक (Amritlal Rajak) और अरुण कुमार जैसवार ( Arun Kumar Jaiswar) सहित महेश को-ऑप क्रेडिट सोसायटी और अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर (नंबर 13/2022) दर्ज की है। एफआईआर की कॉपी एबीआई के पास मौजूद है। धर्मेंद्र प्रताप सिंह (46) हिंदी समाचार पत्र ‘दैनिक भास्कर’ के मुंबई में संवाददाता रहे हैं। महेश को-ऑप क्रेडिट सोसायटी का कार्यालय राजीव गाँधी नगर, एमजी रोड, धारावी में है। महेंद्र कुमार मौर्या चेयरमैन, अमृतलाल रजक सोसायटी सेक्रेटरी, अरुण जैसवार खजांची और सुरेंद्र कुमार मौर्या कलेक्शन है।

mahendra kumar mourya
महेंद्र कुमार मौर्या

धर्मेंद्र प्रताप सिंह एमएचबी कॉलोनी, सायन (पूर्व) में रहते हैं। एक कॉमन फ्रेंड के जरिये दिसम्बर 2019 में धर्मेंद्र प्रताप सिंह की पहचान सुरेंद्र कुमार मौर्या से हुई। सुरेंद्र कुमार मौर्या ने बताया कि वह और उसका चचेरा भाई महेंद्र कुमार मौर्या महेश को-ऑप क्रेडिट सोसायटी चलाते हैं। इसके जरिये वे कुछ महीनों में धन को दुगुना कर देते हैं। सोसायटी आठ साल पुरानी है। रोजाना 70 हजार से एक लाख रुपये की लेन-देन है। इसकी कुल 9 शाखाएं – मस्जिद बन्दर, मानखुर्द, जोगेश्वरी, दादर, गोवंडी, कलवा, बोइसर और उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के कोइरीपुर शिवाला में- हैं।

सुरेंद्र कुमार मौर्या ने धर्मेंद्र प्रताप सिंह की मुलाकात महेंद्र कुमार मौर्या से करवाई। महेंद्र कुमार मौर्या ने भी धर्मेंद्र प्रताप सिंह को बड़े-बड़े सब्जबाग दिखाए। उसने बताया कि उसकी सोसायटी जमाकर्ताओं को दो प्रतिशत ब्याज देती है, जो कोई भी राष्ट्रीयकृत बैंक नहीं देती। धर्मेंद्र प्रताप सिंह महेंद्र कुमार मौर्या के झांसे में आ ही गए। उन्होंने खुद के नाम 15 लाख 50 हजार रुपये, पत्नी के नाम आठ लाख रुपये और पुत्री के नाम 5 लाख 50 हजार रुपये यानि कुल 29 लाख रुपये निवेश कर दिए। 15 जनवरी, 2020 तक कुल 29 लाख पा जाने के 9 दिन बाद ही महेंद्र कुमार मौर्या भूमिगत हो गया, जबकि फरवरी 2020 से सुरेंद्र कुमार मौर्या ने भी धर्मेंद्र प्रताप सिंह को चकमा देना शुरू किया और फिर ऑफिस में ताला लगाकर सभी लोग फरार हो गए।

परेशान धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने धारावी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवा दी। पुलिस उपायुक्त प्रणय अशोक के निर्देश पर सहायक पुलिस निरीक्षक संतोष तपासे (API Santosh Tapase) मामले की जांच कर रहे हैं।

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