अजीत भाटिया

अकेला 

एबीआई (ABI) ने 22 सितम्बर 2022 को एक न्यूज़ प्रकाशित की थी कि अजीत भाटिया (Ajit Bhatia) ने मृत महिला लक्ष्मीबाई किशनचंद हरयाणी (Laxmibai Kishanchand Haryani) के नाम प्लान पास करवाकर गोल मैदान के पास आकाश विला नाम की चार मंजिली इमारत का निर्माण कर दिया है। अजीत भाटिया ने इसे उल्हासनगर महानगरपालिका की मिस्टेक करार दिया था। अजीत भाटिया के शुभचिंतक उसके इस तर्क से संतुष्ट भी हो गए होंगे लेकिन वे अब क्या कहेंगे। एबीआई के हाथ एक और डॉक्युमेंट्स लगा है, जिसमें अजीत भाटिया ने मृत व्यक्ति के नाम डॉक्युमेंट्स बनवाकर एक और भूखंड हड़प लिया। उससे बड़ी बात नगरसेवक जमनु पुरसवानी (Jamnu Purswani) ने उसके डॉक्युमेंट्स को सत्यापित भी कर दिया। 

इस कहानी को सिलसिलेवार पढ़ेंगे तभी मजा आएगा। पढ़िए ..

अजीत भाटिया ने 31 दिसम्बर 2011 को उप विभागीय अधिकारी (Sub Divisional Officer) कार्यालय में एक आरटीआई सब्मिट की। आरटीआई में उसने प्लॉट नंबर -71 (पार्ट), सीट नंबर-64, प्लॉट नंबर-72 (पार्ट), सीट नंबर 46, निकट लवीना अपार्टमेंट, उल्हासनगर-2 के मेजरमेंट (नाप-माप) किये जाने की कॉपी माँगी थी। प्लॉट 550 स्क्वॉयर यार्ड है। आरटीआई में ही अजीत भाटिया ने लिखा है कि प्लॉट राधोमल गोकुलदास बजाज (Radhomal Gokuldas Bajaj) का है लेकिन उनके बिहाफ पर वह (अजीत भाटिया) आवेदन कर रहा है। मजेदार बात है कि राधोमल बजाज की लगभग 16 साल पहले-31 दिसम्बर 1994 को-मृत्यु हो गई थी।     

जमनु पुरसवानी

दूसरी मजेदार बात। जिस प्लॉट के माप-तौल की सर्टिफाइड कॉपी अजीत भाटिया मांग रहा था, उसकी माप-तौल हुई ही नहीं थी। कहानी के अनुसार अजीत भाटिया ने 13 दिसम्बर 2011 को नगर भूमापन विभाग (City Survey Department) को पत्र लिखा कि उपरोक्त प्लॉट की मेजरमेंट (माप-तौल) की जाय। नगर भूमापन अधिकारी एचटी पाटिल (HT Patil) ने 14 दिसम्बर 2011 को उप विभागीय अधिकारी को पत्र लिखकर बताया कि अजीत भाटिया का इस हेतु आवेदन आया है। अब सबसे मजेदार बात। उप विभागीय अधिकारी नितिन मुंडावरे (Nitin Mundaware) ने 19 दिसम्बर 2011 को नगर भूमापन अधिकारी को पत्र लिखकर बताया कि संदर्भित प्लॉट का राधोमल बजाज के नाम पर ‘संपत्ति सनद’ ही नहीं है। इसलिए प्लॉट की नाप-तौल न की जाए।

खैर, अजीत भाटिया तो अजीत भाटिया है। हार कहाँ मानने वाला था। उसने डॉक्युमेंट्स अरेंज/मैनेज कर लिया कि 28 फरवरी 2012 को प्लॉट की माप-तौल (क्रमांक- 401/1/2/2012) हो गई है। इस मामले में उसका स्टेटमेंट भी रिकॉर्ड किया गया है। अजीत भाटिया इस काम में लग गया कि प्लॉट उसने राधोमल से खरीद लिया था इसलिए सनद उसके नाम पर ट्रांसफर कर दी जाये। 

अजीत भाटिया की इस कारगुजारी की भनक समाजसेवक प्रकाश रोचलानी (Prakash Rochlani)  को लगी तो उन्होंने सभी सम्बंधित विभागों में नगर भूमापन, उप विभागीय अधिकारी और अजीत भाटिया के खिलाफ शिकायतें कर दीं। इसका असर हुआ। 28 सितम्बर 2012 को उप विभागीय अधिकारी ने नगर भूमापन अधिकारी को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी कर दिया। नोटिस में नगर भूमापन अधिकारी से पूछा कि जब उनको पहले ही आगाह कर दिया गया था कि संदर्भित भूखंड का राधोमल बजाज का मालिकाना हक़ रिकॉर्ड में नहीं दिखता और यह भी मना किया गया था कि भूखंड की माप-तौल न की जाये तो फिर माप-तौल कैसे किया। दो दिन में स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया। 

प्रकाश रोचलानी ने 6 अक्टूबर 2012 को आरटीआई में मांगा कि उन्हें सम्बंधित प्लॉट का नक्शा (डिमार्केशन) दिया जाये। 15 अक्टूबर 2012 को उपविभागीय अधिकारी ने जवाब में बताया कि जब उक्त प्लॉट की सनद ही विभाग ने नहीं दी है तो नक्शा इश्यू करने का सवाल ही नहीं उठता। नक्शा दिया ही नहीं। अब इस मामले में मजेदार बात। विभाग दावा कर रहा है कि उन्होंने नक्शा इश्यू ही नहीं किया परन्तु उसी नक़्शे को जमनु पुरस्वानी ने सत्यापित कर दिया। 1 अगस्त 2011 को उप विभागीय अधिकारी ने अजीत भाटिया को कोई लेटर जारी किया था। लेटर देखकर ही लगता था कि फर्जी है। उस लेटर को भी जमनु पुरसवानी ने सत्यापित कर दिया। जमनु पुरस्वानी विशेष कार्यकारी अधिकारी है। भाजपा का नेता भी है और कुछ निर्माण कार्य में अजीत भाटिया का पार्टनर भी है। जानकार मांग कर रहे हैं कि इस मामले में अजीत भाटिया के साथ-साथ जमनु पुरसवानी के भी खिलाफ भादंसं की धारा 420, 467, 468, 471 के तहत एफआईआर होनी चाहिए।   

प्रकाश रोचलानी के साथ-साथ अर्जुन रामरख्याणी उर्फ़ अज्जू दादा (Arjun Ramrakhyani alias Ajju Dada) भी इस घोटाले के खिलाफ शिकायतें करते रहे। परिणामतः जिला अधीक्षक (भूमि अभिलेख, ठाणे) मिलिंद चव्हाण (Milind Chavan) ने 13 फरवरी 2013 को नगर भूमापन विभाग को दोषियों पर कार्रवाई का आदेश दिया। नगर भूमापन अधिकारी ने 6 अप्रैल 2013 को प्लॉट के माप-तौल (मेजरमेंट) को रद्द कर दिया। 

अर्जुन रामरख्याणी ने आरटीआई के जरिये 24 मई 2022 को नगर भूमापन विभाग से सम्बंधित भूखंड के डॉक्युमेंट्स (खासकर नक्शा) मांगे। इस पर नगर भूमापन अधिकारी ने 26 मई 2022 को यह कहकर डॉक्युमेंट्स नहीं दिए कि सम्बंधित भूखंड की माप-तौल (मेजरमेंट) रद्द कर दी गई है। इसलिए नक्शा (डिमार्केशन) नहीं दिया जा सकता। अर्जुन रामरख्याणी ने पिछले हफ्ते सम्बंधित दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर फिर शिकायतें की हैं। 

पहले मृत महिला लक्ष्मीबाई हरयाणी के नाम डॉक्युमेंट्स। अब मृत व्यक्ति राधोमल बजाज के नाम डॉक्युमेंट्स। यह इत्तफ़ाक तो बिलकुल नहीं है। अथश्री 420 अजीत भाटिया कथा का विराम यहाँ नहीं है। पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त !!

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