ठाणे शहर की नौपाड़ा पुलिस ने जसपाल सिंह वालिया उर्फ़ लवली भाई के खिलाफ जान से मार डालने की धमकी देने का मामला दर्ज किया है। बताया जाता है कि लवली ही बीनू वर्गिस उर्फ़ काला कौआ का गुरु है। बीनू वर्गिस 3 महीने से फरार है। 

ठाणे महानगरपालिका (टीएमसी) के क्लर्क अमित गडकरी की शिकायत पर 8 सितम्बर 2021 को नौपाड़ा पुलिस ने लवली भाई के खिलाफ एनसी (क्रमांक-1071/2021, धारा 504) दर्ज क़ी है। गडकरी के पास रिवॉल्वर का लाइसेंस है। रिवॉल्वर खरीदने के लिए गडकरी ने लवली को 50 हजार रुपये दिए थे। लवली रिवॉल्वर नहीं दे पाया तो गडकरी अपने रुपये वापस मांगने लगे। 8 सितम्बर 2021 की दोपहर 12 बजे गडकरी और लवली की भास्कर कालोनी, नौपाड़ा में मुलाकात हो गई। गडकरी ने अपने रुपये वापस मांगे तो लवली ने कहा कैसे रुपये। उसने गाली दी और धमकाया कि दोबारा रुपये मांगे तो जान से हाथ धो बैठेगा। इस पर गडकरी ने लवली के खिलाफ पुलिस में शिकायत कर दी। एनसी की कॉपी एबीआई के पास है। 

कौन है लवली भाई ? 

1– जसपाल सिंह वालिया उर्फ़ लवली भाई ठाणे में रहता है। अमूमन उसका कोई व्यवसाय नहीं है। जब सुरेंद्र मोहन शंघारी ठाणे के पुलिस कमिश्नर थे तो लवली उनके लिए तेल माफियाओं और बुकियों से कलेक्शन का काम करता था। सबको मालूम है शंघारी महाराष्ट्र पुलिस के सबसे भ्रष्ट और चरित्रहीन आईपीएस थे। एक बार लवली शंघारी के घर में लिफ़ाफ़े में रखे रुपये चुरा रहा था तो शंघारी के बेटे ने देख लिया था। तब से शंघारी ने उसकी अपने घर में नो एंट्री कर दी थी। 

2-बीनू वर्गिस उर्फ़ काला कौआ की मुलाकात लवली से उसी दौरान हुई थी। काला कौआ तब अपने भाई की मोबाइल की दुकान में काम करता था। शंघारी से सेटिंग कर लवली ने काला कौआ को रिवॉल्वर का लाइसेंस दिलवा दिया। काला कौआ और लवली ने यह बात पुलिस से छिपाई कि काला कौआ के खिलाफ पहले से एक एफआईआर दर्ज है। लवली तब से काला कौआ का गुरु बन गया और उसके प्रत्येक आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहने लगा।    

3-टीएमसी के एक अधिकारी (सहायक आयुक्त, दिवा विभाग) पर पुलिस कार्रवाई हुई तो उन्हें अग्रिम जमानत दिलवाने, मुम्ब्रा के डायघर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर रद्द करवाने, वापस सर्विस में लाने, फिर से वही पोस्ट दिलवाने और डीसीपी अविनाश अंबुरे के नाम पर अधिकारी से 33 लाख रुपये ऐंठ लिए। 

4-मुम्ब्रा (अब डायघर) में एक पुलिस इन्फॉर्मर की हत्या के मामले में उसने तब के सीआईडी के एसीपी पंजाबराव उगले के नाम पर तेल माफियाओं से 50 लाख रुपये ले लिए और दो साल तक गायब रहा।

5-ठाणे के एक क्रिमिनल पर चितलसर-मानपाड़ा पुलिस तड़ीपार की कार्रवाई कर रही है। उसे तड़ीपारी से बचाने के लिए एक डीसीपी के नाम पर 10 लाख रुपये ले लिए हैं।  

6-नवी मुंबई में रहने वाले और डायघर में हुक्का पार्लर चलाने वाले से डीसीपी अविनाश अंबुरे के नाम पर दो लाख (प्रोटेक्शन मनी) रुपये ले लिए हैं।

7-जब किसी को इम्प्रेस करना होता है तो लवली मोबाइल ऑफ रहने पर भी सीपी, डीसीपी, एसीपी से बात करने का नाटक करता है। बोलता है साहब रेडी हैं काम करने को। 

8-‘साहब’ को देने के लिए पार्टी से आई-फोन गिफ्ट लेता है। उस आई-फोन को बेच लेता है और साहब को सस्ता फोन गिफ्ट करता है।    

9-जब भी कोई अपने रुपये वापस मांगने के लिए फोन करता है तो लवली कहता है सीपी, डीसीपी या एसीपी के साथ मीटिंग में हूँ। बाद में फोन करता हूँ।  

काला कौआ के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज हैं। वह फरार चल रहा है। उसके गुरु या मास्टरमाइंड लवली के खिलाफ एनसी हुई तो उसके पंटर हैरिसन डिमेलो के खिलाफ भी कापुरबावड़ी पुलिस स्टेशन में हफ्ता मांगने की एफआईआर दर्ज हुई। काला कौआ के वास्तव में बुरे दिन चल रहे हैं।

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