अकेला

महाराष्ट्र राज्य के कैबिनेट मिनिस्टर नवाब मलिक (Nawab Malik) ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस (Devendra Fadnavis) पर कई हमले किये। नवाब मलिक के इस हमले से पूरा दिन राजनैतिक माहौल गर्म रहा। नवाब मलिक ने अपने इस हमले में जन स्वाभिमान और एबीआई (ABI) की एक खबर के सच साबित होने की मुहर लगा दी।

नवाब मलिक ने संवाददाता सम्मलेन में बताया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता हाजी हैदर खान (Haji Hyder Khan) की दूसरी पत्नी रेशमा खैराती खान (Reshma Khairati Khan) बांग्लादेशी (Bangladeshi National) हैं। मुंबई पुलिस इसकी जांच कर रही थी तो मुख्यमंत्री कार्यालय से फोन आने पर पुलिस ने जांच बंद कर दी। तब देवेंद्र फड़णवीस राज्य के मुख्यमंत्री थे।

दरअसल जन स्वाभिमान ने वर्ष 2019 में ‘बांग्लादेशी साबित होने के बाद बना भाजपा नेता की पत्नी का पासपोर्ट’ शीर्षक से खबर प्रकाशित थी। इसे पत्रकारिता की भाषा में ब्रेकिंग/एक्सक्लूसिव भी कह सकते हैं। दूसरी खबर 3 मार्च 2021 को एबीआई (अकेला ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन) में ‘बांग्लादेशी महिला को संरक्षण देने के मामले में भी फंसेंगे देवेन भारती, सेवानिवृत्त सीनियर इंस्पेक्टर फाइल करेंगे पिटीशन’ शीर्षक खबर प्रकाशित की थी। इन्हीं खबरों को नवाब मलिक ने सच साबित कर दिया।

खबर के अनुसार हैदर खान भाजपा नेता हैं और मौलाना आजाद माइनॉरिटी आर्थिक विकास महामंडल के चैयरमैन हैं। भाजपा सरकार में उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा मिला हुआ था। रेशमा हैदर खान की दूसरी पत्नी हैं। वे शांति सोसायटी, फ्लैट नंबर 143, आरसीसी गेट नंबर 8, मालवणी, मालाड (पूर्व) में रहती हैं। वर्ष 2017 में रेशमा खान ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। मुंबई पुलिस की विशेष शाखा की ‘आई’ ब्रांच ने रेशमा खान के कथित पैतृक गांव (बदुरिया, 24 परगना, वेस्ट बंगाल) जाकर वेरिफिकेशन किया तो पता फर्जी निकला। यह साबित हो गया कि रेशमा खान बांग्लादेशी महिला हैं।

‘आई’ ब्रांच के तब के सीनियर इंस्पेक्टर दीपक कुरुलकर के निर्देश पर 12 सितम्बर 2017 को तीन अधिकारी रेशमा खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने मालवणी पुलिस स्टेशन गए। अधिकारियों को पूरा दिन बैठाये रखने के बाद भी मालवणी पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। दीपक फटांगरे तब मालवणी के सीनियर इंस्पेक्टर थे। देवेन भारती तब संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व व्यवस्था) थे। 4 नवम्बर 2020 को जब दीपक कुरुलकर ने आरटीआई में जानकारी मांगी तो मालवणी पुलिस ने बताया कि रेशमा खान से सम्बंधित सभी दस्तावेज़ उन्होंने डिस्ट्रॉय कर दिए।

महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस देवेन भारती मुंबई पुलिस के सबसे विवादास्पद पुलिस अधिकारी माने जाते हैं। 24 फरवरी 2021 को एबीआई (abinet.org) ने न्यूज़ प्रकाशित की थी कि देवेन भारती अंडरवर्ल्ड सरगना एजाज़ लकड़ावाला (Underworld Don Ejaz Lakdawala) के लिए काम करते हैं। एबीआई ने एक वीडियो भी लोड किया था जिसमें एजाज़ लकड़ावाला स्वीकार कर रहा है कि देवेन भारती के कहने पर वह मुंबई महानगर में हफ़्ताउगाही का रैकेट चलाता था। तब राज्य सरकार के गृह विभाग ने देवेन भारती के खिलाफ जांच बैठाई थी। तब पुलिस महानिदेशक (होमगार्ड) संजय पांडेय ने जांच की थी। संजय पांडेय ने जांच रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपी थी। इसमें देवेन भारती द्वारा रेशमा खान मामला दबाने का भी ज़िक्र है।

नवाब मलिक वर्तमान सरकार में मंत्री हैं। उनके दावे के बाद राज्य सरकार यदि संजय पांडेय की रिपोर्ट पर एक्शन लेती है तो रेशमा खान, दीपक फटांगरे और देवेन भारती जेल जा सकते हैं।

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