आनंद राणा

अकेला 

पेशे से ज्वेलर्स आनंद जुगल राणा (Anand Jugal Rana) ने मध्य मुंबई के कालाचौकी पुलिस थाने (Kalachowki Police Station) के अधिकारियों के खिलाफ गंभीर शिकायतें (serious allegations) की हैं। आनंद राणा का आरोप है कि चोरी का केस सुलझाने के चक्कर में कालाचौकी पुलिस के अधिकारियों ने उनकी दुकान ही लूट ली। (Mumbai Police robs Jewellers who purchased Jewellery from Jewel thieves). 

शिकायत के अनुसार, कालाचौकी पुलिस ने 25 नवम्बर 2021 को रीमा धोपटे (54) के घर में 15,44,000 रुपये की चोरी होने की एफआईआर (नंबर 432/2021, भादंसं की धारा 454 और 380) दर्ज की थी। रीमा धोपटे (Reema Dhopte) भाभा परमाणु अनुसन्धान केंद्र (BARC) में कार्यरत हैं और कालाचौकी पुलिस की हद में वेस्टर्न इंडिया बिल्डिंग में रहती हैं। कालाचौकी पुलिस ने अनिल उर्फ़ मनोज कुमार राजभर (36) (Anil alias Manoj Kumar Rajbhar) को 13 दिसम्बर 2021 को उसके पैतृक गांव बोडारी, तालुका केराकत, जिला जौनपुर, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया। अनिल राजभर ने बताया कि उसने चोरी के समस्त आभूषण आनंद राणा को बेचे हैं। 

15 दिसम्बर 2021 की अपराह्न 4 बजे पुलिस निरीक्षक सुधाकर शिरसाट (Sudhakar Shirsat), उप निरीक्षक विट्ठल जगदाले (Vitthal Jagdale), सचिन पाटणे (Sachin Patne), सिपाही सैय्यद और अन्य दो लोग आनंद राणा की दुकान में गए। आनंद राणा की दुकान साकीनाका पुलिस स्टेशन (Sakinaka Police Station) की हद में दोस्ती हेरिटेज, डिसूजा नगर, 90 फिट रोड पर है। राणा की शिकायत है कि बिना अपनी पहचान बताये पुलिस अधिकारियों ने दुकान की सीसीटीवी (CCTV), डीवीआर (DVR) निकाल ली, राणा का मोबाइल (Mobile) छीन लिया। दुकान का सब सोना, चांदी, ग्राहकों के ऑर्डर के आभूषण, पॉलिश करने के लिए आये सोने और चांदी के ज़ेवरात ले लिए। यहां तक कि ड्रॉवर तोड़कर आभूषण ले लिए। आनंद राणा के अनुसार पुलिस टीम ने लगभग डेढ़ किलो सोने और और तीन किलो चांदी के आभूषण लूट लिए। आनंद राणा जब भी कुछ पूछने की कोशिश करते कि वे कौन हैं और ऐसा क्यों कर रहे हैं तो पुलिसवाले उनको डाँट कर चुप करा देते। उन्होंने आनंद राणा से कोरे कागज पर साइन भी ले ली।  

बाद में अनिल राजभर को आनंद राणा के सामने लाकर बताया कि तुमने इस चोर से चोरी के आभूषण खरीदे थे। आनंद राणा ने स्वीकार किया कि उन्होंने अनिल राजभर से आभूषण खरीदे थे। आनंद राणा के अनुसार अनिल राजभर ने उन्हें बताया था कि उसके पिता की तबियत बहुत ख़राब है। रुपयों की सख्त जरूरत है। वह रोने लगा था। फिर उन्होंने दोस्तों से बंदोबस्त कर उसे रुपये दिए थे। पुलिस ने आनंद राणा की दुकान सील कर दी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। 5 जनवरी 2022 को आनंद राणा की जमानत हुई।  

मुंबई पुलिस इसी तरीके से चोरी और लूट के मामले सुलझाती आई है। एक चोर पकड़ा जाता है तो उसके ऊपर चोरी के सारे मामले डालकर फारिग हो जाती है। आनंद राणा के मामले में निरीक्षक सुधाकर शिरसाट ने अपनी अक्ल (होती तो करते) का ज़रा भी इस्तेमाल नहीं किया। चोर अनिल राजभर ने रीमा धोपटे के जो आभूषण आनंद राणा को बेचे थे उसे तो आनंद राणा ने गला (पिघला) दिया था। सभी ज्वेलर्स ऐसा ही करते हैं। चोरी के आभूषण को गला देते हैं। अब सुधाकर शिरसाट और उनके सिपहसालारों ने आनंद राणा के यहां से जो आभूषण जब्त/चोरी/लूट किये थे उसे कोर्ट को बताया कि ये रीमा धोपटे के आभूषण हैं। दोनों आभूषणों की डिजाइन में फर्क तो होगी ही। आनंद राणा के पास बिल हैं कि वे आभूषण उनके ग्राहकों के हैं। फिलहाल पेंचोंख़म भरे इस केस को सुलझाने पर पुरस्कारस्वरूप सुधाकर शिरसाट को जुहू पुलिस स्टेशन का वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक बना दिया गया है। 

आनंद राणा सुधाकर शिरसाट, विट्ठल जगदाले, सचिन पाटणे, सैय्यद और अन्य दो लोगों के खिलाफ शिकायतें कर रहे हैं। वे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मिले परन्तु उन्हें न्याय नहीं मिला। आनंद राणा कहते हैं कि वे अब बॉम्बे हाईकोर्ट में पिटीशन (Petition in Bombay High Court) फाइल करेंगे। पुलिस कमिश्नर हेमंत नगराले (Commissioner of Police Hemant Nagrale) को भी पार्टी बनाएंगे।

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Naresh jain
Naresh jain
3 months ago

Goregaon police ne Abhi ek vyapari se len den vasooli ke civil mamale mein ek ex jewellers Nilesh par 420 ipc mein book kiya hai.